शनिवार, 26 नवंबर 2011

aatmvishvaas jeene ki kala

आत्म विशवास का मोटे तौर पे अर्थ है अपने ऊपर भरोसा होना.या हम अपने आप को कितना या किस तरह स्वीकार करते हैं हमारा अपने प्रति जो विशवास है,जो हमारा हमारे बारे में अनुभव है और जो हमारा अपने प्रति द्रष्टिकोण है वही आत्म विशवास है .आत्मविश्वासी होने का अर्थ ये कदापि नहीं है की उस व्यक्ति से किसी प्रकार की गलती नहीं होती.या वह पूर्ण है.कभी कभी दूसरो की आलोचनाये भी ऐसे व्यक्ति को मिल जाती है.लेकिन आत्म विश्वासी लोग आलोचनाओं से घबराते नहीं बल्कि उन गलतियो से सीख ले कर आगे बढ़ते है और सफल होते हैं.आयिए देखे की आत्मविश्वासी व्यक्ति में कौन कौन से गुण होते है
*वह कठिन परिस्थितियो से घबराता नहीं है बल्कि हिम्मत से सामना करता है
*वह आशावादी  होता है.
*वह दुसरे के द्रष्टिकोण को भी समझता है
*वह हमेशा सीखने को तत्पर रहता है
*वह वार्तालाप और संवाद स्थापित करना जनता है तथा कब  चुप होना चाहिए ये भी जानता है
*वह अपनी अंतरात्मा जिसे जमीर कहते है की सुनता है और उसका अनुसरण भी करता है
*वह अपनी योग्यता और क्षमताओं का सही आकलन करता है
*वह अपने दायित्वों को और जिम्मेदारिओ को समझता है और उसका निर्वाह करता है
*वह मर्यादित और अनुशासन प्रिय होता है
*वह संवेदनशील होता है तथा दुसरे की पीड़ा समझता है
जब तक हम अपनी उपयोगिता नहीं समझेगे तब तक हम में आत्म विशवास नहीं आ सकता.इसलिए जरूरी है की अपने अंतःकरण की आवाज को सुनते हुए अपने आप पे भरोसा रखे.

मंगलवार, 22 नवंबर 2011

chitro se janiye apne bachche ko

आम  तौर पर बच्चे स्कूल में या घर पर कॉपी में चित्र बनाते हैं.यदि बच्चा अपनी कल्पना शक्ति से अपनी मर्जी से चित्र बनाता है तो उसके द्वारा बनाई गयी आकृति कही न कही उसके व्यक्तित्व को या उसकी  इच्छाओ को दर्शाती है आयिए जाने की केसे ------
१.फूल-कॉपी पर अक्सर फूल बनाने वाले बच्चेसंवेदंशील तथा ईमानदार होते हैं.कला विज्ञान एवं फैशन डिजाइनिंग में इनकी रूचि होती है
२.पैड पौधे -ये बच्चे लगनशील धर्यवान और परिश्रमी होते हैं
३.घर-घर का खाका खीचने वाले सुरक्षा की चाहतरखने वाले होते हैं   ये झगडे से बचते है बहसबाजी इन्हें   पसंद नहीं आती   है
४.दिल-दिल बनाने वाले बच्चे मनमौजी होते हैं लेकिन गुस्सेल होना भी इनका एक  अवगुण हो सकता है
५आखे  -ऐसे बच्चे मीन मेख निकलने वाले होते हैं .अपनी चीजो को इन्हें शेयर करना ज्यादा पसंद नहीं होता
६.तारे-ऐसे बच्चे स्वाभिमानी होते हैं और सुच यानि यथार्थ में जीने वाले होते है
७बादल-बदल नव बनाने वाले बच्चे दिवा स्वप्ना में खोने वाले होते हैं.
तो जब भी आप बच्चे के बनाये चित्र देखे तो उन्हें यूं ही न जाने दे क्योकि बच्चे का हर चित्र कुछ न कुछ जरूर कहता है........

सोमवार, 21 नवंबर 2011

aasha vaadi jeene ki kala

मेने एक गीत सुना था की 'गम की अँधेरी रात में ,दिल को न बेकरार कर ,सुबह जरूर आएगी,सुबह का  इन्तजार  कर
लाख  अँधेरा हो ,पर यदि ये आस हो की हर रात की सुबह होती है और हमारे  गम से  भरी रात भी  खुशनुमा        सुबह में बदले  गी  तो  जीवन  बहुत  आसान  लगने लगेगा .इसके लिए बस आशा वादी   बनिए .जीवन में सकारात्मक सोच रखना ही जिन्दा दिली कहलाती  है.मुह लटकाने वाले को कोई पसंद नहीं करता.हमे अकेले ही रोना  होता    है.शोध  बताते  हैं की जब  हम सोचते  है तो उस  वक्त  हम एक शक्तिशाली  चुम्बक बन  जाते  है.और अपनी  सोच के  मुताबिक  ही आस पास  की ऊर्जा को अपनी तरफ खींच  ने  लगते  हैं.अगर  सोच नकारात्मक  है तो नकारात्मक ऊर्जा हमे घेर  लेती   है.और यदि हम सकारात्मक सोच रहे हैं तो सकारात्मक ऊर्जा अपना आभा मंडल हमारे चारो तरफ बिखेरने लगती है और वो व्यक्ति ज्यादा  खुश और ऊर्जावान दिखने लगता है.खुश रहने के लिए सुबसे पहले अपने लिए अच्छा सोचना शुरू कीजिये.में फिट हूँ.में सारे दिन कुछ न कुछ करता रहूगा.में खुश रहूगा में आज किसी पर नाराज नहीं हो ऊँगा ये सकारात्मक सोच धीरे धीरे आपकी   आदत बन जाएगी  और मेरा   यकीं मानिये आप अपने आपको ज्यादा स्वस्थ खुश और ऊर्जा वांन  महसूस करेगे.आशा वादियो पर कई शोध हुए है वे बताते है की आशा वादी व्यक्ति में सीखने की छमता ज्यादा होती है.उनमे रोग प्रतिरोधक ता भी ज्यादा होती है.हमारी सोच हमारे जीवन पर असर डालती है.हमारी अनुभूतिया ब्रहमांड में तरंग भेजती है.और तरंगे प्राप्त करती हैं.यदि आप नेगेटिव  सोचेगे तो जिन्दगी में नकारात्मकता निराशा बढ़ेगी .इसलिए आशा वादी बनिए.थिंक पोजीटिव  बी   पोज टिव .

रविवार, 20 नवंबर 2011

safed jhoot yaani positive soch.........

हर रिश्ता विशवास पर टिका होता है.तो फिर झूट की गुंजाइश ही कहाँ है.लेकिन कई बार हम सिर्फ अपने से जुड़े व्यक्ति को खुश करने के लिए भी बिना बात झूट भी बोलते है जिसे सफ़ेद झूट कहते है.इस से किसी का कोई नुक्सान नहीं होता बस इसके पीछे किसी को ठेस न पहुच जाये ये positive  सोच होती है आये देखे हम कौन कौन से सफ़ेद झूट अक्सर बोलते हैं-----
१-नहीं इस ड्रेस में तुम ज्यादा मोटी नहीं लग  रही
२- ट्राफ्फिक जाम में फस गयी थी इसलिए लेट हो गयी
३-अरे ये मेने नहीं किया
४सिर्फ़ ५ min  में खाना लगाती हूँ
५मेरि उम्र.........?२९ अब ३० कहना ज्यादा ठीक नहीं लगरहा
६-फ़ोन आये तो कह देना में घर पर नहीं हूँ
क्योकि कहा भी है की सच  कडवा होता है तो सच  बोल कर यदि किसी को दुःख पहुचता है तो एसा सच  नहीं बोलने में ही भलाई है.अक्सर लोग किसी अनचाही स्थिति से बचने के लिए इस तरह के सफ़ेद झूट का सहारा लेते हैं.
शोध बताते है की लोग अपने आप से भी झूट बोलते हैं जेसे हमने किस तरह और कितना खाया,योग किया या नहीं लेकिन सफ़ेद झूट बोलने वालो का एक positive  पहलू भी है लोग उन्हें ज्यादा पसंद करते है.और इसे लोग ज्यादा खुश भी रहते हैं.लेकिन कभी कभी ये झूट भी भारी पड़ सकता है और आपसी  संबंधो में दरार भी डाल सकता है इसलिए आपको कितना और कब झूट बोलना है ये आपको खुद तै करना है.जहाँ तक संभव हो जीवन साथी से झूट न बोले.और यदि झूट  पकडे जाने  की थोड़ी सी भी सम्भावना हो तो झूट कदापि न बोले 

शनिवार, 19 नवंबर 2011

dil kaa sambandh daato se

जब  मेने  ये  पढ़ा   तो  बहुत  ही  अजीब  लगा, भला  dil  का  दांतों  से  क्या  लेना  देना  lekin ये सही है  असल में हमारे मसूडो में पायरिया नामक रोग एंट अमीबा जिन्जेवेलिस नाम के एक जीवाणु द्वारा फैलता  है ये जीवाणु मुह के द्वारा हिर्दय में पहुच कर वहा के वाल्व जो रक्त परिवहन में महत्व पूर्ण  भूमिका निभाते है को खराब कर देते हैं.जिस से heart  blochege  या दिल का दौरा  हो सकता है.इस लिए यदि आप को पायरिया है तो दिल के प्रति भी साव धान रहे और.और अपने दांतों की सफाई का भी विशेष ध्यान रखे
इसके अलावा ज्यादा चाय काफी पीने वाले भी सावधान रहे क्योकि चाय में कफीन पाया जाता है जो धमनियों को सिकोड़ता  है और दिल के दौरे की संभावना बढ़ता है 

janie apne aapko

यूं तो इस दुनिया में जितने लोग होते हैं उतने ही तरह के व्यक्तित्व भी होते है.लेकिन किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व को जाने बगैर उसके साथ किस तरह वर्ताव किया जाये ये बहुत ही सोच विचार का विषय है.अगर मोटे तौर पे देखा जाये तो हम व्यक्ति के व्यवहार से काफी कुछ सीख सकते है.इन्ही व्यवहार के आधार पर व्यक्ति कई प्रकार के हो सकते है जेसे...........
१.परफेक्शनिस्ट -ये लोग बहुत जागरूक होते है इनके लिए इनकी योजनाये बहुत मायने रखती है फिर वो चाहे बाज़ार जाना ही क्यों न हो .लेकिन इनकी येही आदत कभी कभी दूसरो के लिए या स्वयं अपने लिए भी तकलीफ दायक  हो जाती हैक्योकी मन मुताबिक़ काम न होने पर ये अपसेट  हो जाते है.
-प्रोवाइडर -ये लोग दूसरो का बहुत ख़याल रखते है.लेकिन बदले में दुसरे से भी यही उम्मीद भी रखते है.अगर इनको बदले में बराबर का न मिले तो ये निराश भी होने लगते हैं
३-रोमांटिक.-ऐसे लोग जिंदगी में खूबसूरती के अहसास को जगाने के लिए प्रयास रत रहते हैं .इनका मूड स्थाई नहीं होता पल पल में बदलता रहता है
-थिंकर-ये ज्यादा सोच विचार वाले व्यक्ति होते है हर बात को अलग तरह से सोचते है इसलिए इनका निभाव मुश्किल होता है
व्यक्ति केसा भी हो प्रेम में हर इंसान को अपने अनुकूल बनाने की ताकत होती है.
इसके अलावा और भी कई तरह के लोग होते हो जेसे---------
आलोचक-ये बिना बात के क्किसी न किसी बात की आलोचना करते रहते है
दिल फेंक -इन के विषय में तो जेसे त्रिया चरित्र नहीं समझ सकते वेसे ही कहना मुश्किल है.
दिवा स्वप्न देखने वाले-इनकी दुनिया एक कल्पना लोक होता है जो यथार्थ  से परे होती है .
उपरोक्त तीन तरह के लोगो को तो सिर्फ एक ही सुधार सकता है वो है भगवान्
आयिए दुआ करे की हम अपने जीवन को एसा बनाए की दूसरो के जीवन में सरसता लाये और अपने जीवन में शान्ति ........आमीन 

शुक्रवार, 18 नवंबर 2011

10 compliments jo har mahila sun na chahti hai..........

महिलाओं के दिल को जीतना या उन्हें इम्प्रेस करना बहुत मुश्किल है लेकिन कई ऐसी बाते है जो अगर प्रशंसा या जिन्हें हम कोम्प्लिमेंट्स कहते है   हर महिला शायद सुन ना    चाहती होगी आये देखे वो कौन कौन सी है.१.तुम intelligent हो......हर महिला अपने को beauty  विद  ब्रेन कहलाना पसंद करती है
   २तुम्हारि मुस्कराहट बहुत प्यारी है
   ३तुम बहुत खूबसूरत हो
   ४तुम्हारि पर्सोनालिटी बहुत अच्छी है
   5तुम्हारे हाथ का खाना बहुत बढ़िया बनता है
   6 तुम मेरी आदत खराब कर दोगी इतना प्यार दे कर
   ७तुम बहुत स्मार्ट हो
    ८ तुम केसे इतने कम पेसो में इतनी अच्छी तरह घर चलाती हो
   ९ में तुम्हारे बगैर अधूरा हूँ
   १० जानू तुम्हारा कोई जबाब नहीं
आप चाहे तो इन टिप्स को अजमा सकते हैं..........