शनिवार, 19 नवंबर 2011

janie apne aapko

यूं तो इस दुनिया में जितने लोग होते हैं उतने ही तरह के व्यक्तित्व भी होते है.लेकिन किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व को जाने बगैर उसके साथ किस तरह वर्ताव किया जाये ये बहुत ही सोच विचार का विषय है.अगर मोटे तौर पे देखा जाये तो हम व्यक्ति के व्यवहार से काफी कुछ सीख सकते है.इन्ही व्यवहार के आधार पर व्यक्ति कई प्रकार के हो सकते है जेसे...........
१.परफेक्शनिस्ट -ये लोग बहुत जागरूक होते है इनके लिए इनकी योजनाये बहुत मायने रखती है फिर वो चाहे बाज़ार जाना ही क्यों न हो .लेकिन इनकी येही आदत कभी कभी दूसरो के लिए या स्वयं अपने लिए भी तकलीफ दायक  हो जाती हैक्योकी मन मुताबिक़ काम न होने पर ये अपसेट  हो जाते है.
-प्रोवाइडर -ये लोग दूसरो का बहुत ख़याल रखते है.लेकिन बदले में दुसरे से भी यही उम्मीद भी रखते है.अगर इनको बदले में बराबर का न मिले तो ये निराश भी होने लगते हैं
३-रोमांटिक.-ऐसे लोग जिंदगी में खूबसूरती के अहसास को जगाने के लिए प्रयास रत रहते हैं .इनका मूड स्थाई नहीं होता पल पल में बदलता रहता है
-थिंकर-ये ज्यादा सोच विचार वाले व्यक्ति होते है हर बात को अलग तरह से सोचते है इसलिए इनका निभाव मुश्किल होता है
व्यक्ति केसा भी हो प्रेम में हर इंसान को अपने अनुकूल बनाने की ताकत होती है.
इसके अलावा और भी कई तरह के लोग होते हो जेसे---------
आलोचक-ये बिना बात के क्किसी न किसी बात की आलोचना करते रहते है
दिल फेंक -इन के विषय में तो जेसे त्रिया चरित्र नहीं समझ सकते वेसे ही कहना मुश्किल है.
दिवा स्वप्न देखने वाले-इनकी दुनिया एक कल्पना लोक होता है जो यथार्थ  से परे होती है .
उपरोक्त तीन तरह के लोगो को तो सिर्फ एक ही सुधार सकता है वो है भगवान्
आयिए दुआ करे की हम अपने जीवन को एसा बनाए की दूसरो के जीवन में सरसता लाये और अपने जीवन में शान्ति ........आमीन 

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